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महेन्द्र सिंह बेदी 'सहर' (दिल के पन्ने ) Mahendra singh bedi sahar (Dil ke Panne)

dil ke panne Tuesday, 20 June 2017 0

आ रहे हैं मुझको समझाने बहुत अक़्ल वाले कम हैं दीवाने बहुत साक़िया हम को मुरव्वत चाहिए शहर में हैं वरना मयखाने बहुत क्या तग़ाफ़ु...